इस ब्लॉग पर सभी हिंदी विषय अध्ययनार्थी एवं हिंदी विषय अध्यापकों का हार्दिक स्वागत!!! मच्छिंद्र भिसे (हिंदी विषय शिक्षक, कवि, संपादक)

'हिंदी लोकभारती कृतिपुस्तिका'

सादर नमन, 
               सभी हिंदी अध्यापक भाई-बहन, विद्यार्थी एवं अभिभावकों को बताते हुए हर्ष हो रहा हैं कि इस वर्ष कक्षा १०वीं पुनर्रचित पाठयपुस्तकें समय पर मिली व शासकीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी समय पर संपन्न हुआ। वर्ष २०१७ में मूल्यमापन पद्धति में परिवर्तन किया गया। कक्षा १० वीं भाषा विषयों के मूल्यमापन में प्रश्नपत्रिका की जगह कृतिपत्रिका को स्थान देकर ज्ञानरचनावाद को बढ़ावा देने की नीव महाराष्ट्र राज्य शिक्षा विभाग की ओर से रखी और सभी ने उसे स्वीकार कर अध्ययन और अध्यापन पद्धतियों में सुयोग्य परिवर्तन किया। 
           वर्ष २०१८ में पुनर्रचित पाठ्यक्रम के साथ मूल्यमापन पद्धति में भी परिवर्तन किया गया।  भाषा विषयों की कृतिपत्रिका ८० अंकों के बदले १०० अंकों की होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद महाराष्ट्र राज्य हिंदी अध्यापक महामंडल के अधिकारी एवं सदस्यों को कक्षा १० वीं को अध्यापन करने वाले बहुत से  अध्यापकों ने निवेदन रखा कि कक्षा १० वीं के छात्रों एवं अध्यापकों की सुलभता के लिए 'हिंदी लोकभारती कृतिपुस्तिका' का निर्माण किया जाए। इस बात का महत्त्व जानकार 'महाराष्ट्र राज्य हिंदी अध्यापक महामंडल' के मार्गदर्शन एवं कक्षा १० वीं को प्रत्यक्ष अध्यापन करने वाले अध्यापक एवं हिंदी विषय तज्ञों की सहायता से 'लोकभारती कृतिपुस्तिका का निर्माण किया गया।


               आज दिनांक २२ जुलाई २०१८ के दिन हिंदी महामंडल की सभा में 'हिंदी द्वितीय भाषा : संपूर्ण - लोकभारती कृतिपुस्तिका' किताब का औपचारिक विमोचन कार्यक्रम 'राष्ट्रभाषा भवन, सातारा' में महामंडल के अधिकारी, सदस्य एवं हिंदी अध्यापकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ और छात्र एवं अध्यापकों के लिए इसके वितरण हेतु आवाहन किया गया। 



कृतिपुस्तिका की विशेषताएँ :
१. माध्यमिक शालांत परीक्षा प्रारूप के अनुसार निर्माण
२. कृतिपत्रिका प्रारूप के अनुसार कृतियों का चयन 
३. पठित परिच्छेद - लगभग ४० : कृतिपत्रिका के प्रारूप के अनुसार कृतियाँ 
४. अपठित परिच्छेद - लगभग १३ कृतियों सहित और अभ्यासार्थ १० अपठित परिच्छेद 
५. पठित पद्यांश - लगभग २५ : कृतिपत्रिका के प्रारूप के अनुसार कृतियाँ 
६. अपठित पद्यांश - लगभग १० और अभ्यासार्थ ६ अपठित पद्यांश 
७. पूरक पठन - लगभग ३० 
८. कृतिपत्रिका प्रारूप 
९. नमूना कृतिपत्रिका उत्तरसाहित और ४ अभ्यासार्थ कृतिपत्रिका 
१०. भाषा अध्ययन (व्याकरण) के कक्षा १० वीं के ११ घटकों का व्यावहारिक समर्पक विवरण लगभग ३० पृष्ठ 
११. कृतिपत्रिकाओं के निर्माण में सहायक 
१२. कुल मिलाकर २०४ पृष्ठों की कृतिपुस्तिका 

               मुझे विश्वास हैं कि विद्यार्थियों को हिंदी विषय के अध्ययन के लिए यह कृतिपुस्तिका बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी। यदि विद्यार्थी पाठ्यपुस्तक और इस कृतिपुस्तिका के सूक्ष्म अध्ययन के बाद माध्यमिक शालांत परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाएगा इसमें कोई दो राय नहीं हैं। 
              मैं सभी हिंदी अध्यापक भाई-बहन, विद्यार्थी एवं अभिभावकों को आवाहन करता हूँ कि इस कृतिपुस्तिका को प्राप्त कर हिंदी लोकभारती अध्ययन - अध्यापन को लेकर विद्यार्थियों को सही दिशा निर्देश प्रदान करें। इसी अभिलाषा के साथ -
आपका 
मच्छिंद्र भिसे 

विशेष सूचना :
हिंदी लोकभारती कृतिपुस्तिका प्राप्ति हेतु विद्यार्थी, अध्यापक एवं अभिभावक इन्हें संपर्क करें -
१. महामंडल से जुड़े विभिन्न जिलों के इच्छुक जिला अध्यक्ष एवं तहसील कार्यकारणी सदस्य 
२. सातारा जिला के इच्छुक अपने-अपने तहसील कार्यकारिणी सदस्य 
३. यदि इसके बावजूद संपर्क करने वाले निम्न अध्यापकों से संपर्क करें -
* श्री. अनंत यादव : 9561926731 /9370083171 
*  श्री. मच्छिंद्र भिसे : 9730491952 / 9545840063 

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1 comment:

  1. आदर्श वार्षिक नियोजन भी blogspot पर आना चाहिए

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